Dilawar Singh

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खाली दिमाग़ शैतान का घर - दैनिक प्रतियोगिता -23-Jan-2024

खाली दिमाग़ शैतान का घर


हमें अपने दिमाग पर पूर्ण नियंत्रण रखना चाहिए, ऐसा न होने पर हम अपने मन की वश में होकर अपने अनमोल समय को बेकार के कामों में बर्बाद करते रहते हैं।


सुबह उठने पर यदि आपके पास दिन की कोई योजना नहीं है तो आपका दिन बेकार जाने वाला है, जब हम अपने पूरे दिन को व्यवस्थित करके चलते हैं और हम काफी हद तक सभी कामों को समय पर पूरा कर लेते हैं तो हमें अच्छा और एक संतुष्टि की अनुभूति होती है।


‘खाली दिमाग़ शैतान का घर’ ऐसा इसलिए कहा जाता है- क्योंकि खाली दिमाग में अव्यवस्थित और फिजूल के विचार बहुत ज्यादा आते हैं, यह लक्ष्य विहीन विचार हमें भटकाव के मार्ग पर ले जाते हैं।


हमारे विचारों से ही हमारे कर्मों का निर्माण होता है, यदि हमारे विचार व्यवस्थित होंगे- तभी तो कर्मों का व्यवस्थित होना भी संभव हो पाएगा।


हम अपने मन में बहुत सारी- सही और गलत इच्छाएं पाल लेते हैं, अपने मन के वशीभूत होकर जब ये इच्छाएं पूर्ण नहीं हो पाती- तो हम निराश हो जाते हैं, असल में हम जिस दिखावटी दुनिया में जी रहे हैं- यह उसी का प्रभाव है।


आज के इस युग में, इस भागती दौड़ती दुनिया में इंसान के पास सुख सुविधाएं तो बहुत है- पर आत्म संतुष्टि कहीं नहीं है, क्योंकि उसके पास स्वयं के लिए समय ही नहीं है, वह बस दुनियादारी में ही उलझा हुआ रहता है।


यदि आप जीवन में व्यवस्थित और संतुष्ट होना चाहते हैं- तो जीवन को समझदारी और योजनाबद्ध तरीके से जीना शुरू करें,  एक भी क्षण जो बीत गया है -वह लौट के वापस नहीं आने वाला, उसका मोल कोई नहीं चुका सकता, अपने समय को व्यर्थ न जाने दें, समय का पूर्ण सदुपयोग करें।


जीवन में योग, प्राणायाम और नियमित ध्यान का अभ्यास करें, ऐसा करने से आपका मन और मस्तिष्क आपके नियंत्रण में रहेगा।


एक मजबूत दिमाग कभी भी जीवन की परिस्थितियों से व्यथित नहीं होता।


काम, क्रोध, लोभ, मोह, ईर्ष्या, द्वेष, डर, चिन्ता- ये सब मानव स्वभाव का हिस्सा है, मगर जब ये नियंत्रण में ना रहे- तो ये हमारे कमजोर दिमाग को दर्शाता है, सब कमजोर दिमाग की उपज है।


 हमारा शरीर वह मंदिर है- जिसमें आत्मा रूपी ईश्वर वास करते हैं, क्या हम अपने इस मंदिर को स्वस्थ और स्वच्छ नहीं रख सकते?


 हमें कभी भी अपने मन मस्तिष्क में नकारात्मक में दूषित विचारों का प्रवेश नहीं होने देना चाहिए, इसके लिए हमें ऐसे वातावरण में रहना चाहिए- जो पूर्ण रूप से सकारात्मक हो, इसके लिए- स्वयं अध्ययन, आत्मचिंतन, योजना निर्माण, हर दिन कुछ नया सीखना, अच्छी पुस्तकें पढ़ना, सकारात्मक व प्रगतिशील दोस्तों के संपर्क में रहना, अपने दैनिक कार्य व जिम्मेदारियों को समय से पूरा करना, जीवन में आगे बढ़ाने के प्रयास के साथ-साथ अपने जीवन की वर्तमान परिस्थितियों में संतुष्ट रहना, इन सभी आदतों को जीवन में अपनाए। 


 जब हमारा जीवन व्यवस्थित होगा- तो हमारा दिमाग भी काम में लगा रहेगा, जब हम अपने जीवन में एक लक्ष्य के प्रति पूर्ण निष्ठा से प्रयास करते हैं- तो हमारी रफ्तार बहुत तेज होती है, जबकि लक्ष्यविहीन जीवन की कोई दिशा नहीं होती।


इसलिए हमारा अपने दिमाग पर पूर्ण नियंत्रण होना ही चाहिए।


 समाप्त—------------


🙏🙏🙏🙏🙏

 दिलावर सिंह 

#प्रतियोगिता हेतु

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10 Comments

नंदिता राय

24-Jan-2024 05:51 PM

Nice one

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Mohammed urooj khan

24-Jan-2024 02:18 PM

👌🏾👌🏾👌🏾👌🏾

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Milind salve

24-Jan-2024 09:32 AM

Nice

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